14 Feb 2026
युवाओं को एआई के लिए तैयार करना शिक्षण संस्थानों का दायित्व- प्रोफेसर दिनेश कुमार
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और थ्री मॉन्क कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को रिस्किलिंग फॉर द एआई इरा विषय पर एजुकेशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एआई भविष्य की आवश्यकता है। युवाओं को इसके लिए तैयार करना शैक्षिणक संस्थाओं का दायित्व है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा उद्योग के साथ समन्वय स्किल एजुकेशन मॉडल की विशेषता है। यही विशेषता श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग करती है। इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री लीडर्स का अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने उद्योग–अकादमिक समन्वय का महत्व भी बताया और विद्यार्थियों को एआई के प्रति प्रोत्साहित किया। थ्री मॉन्क की सह-संस्थापक आंचल एवं मोहित ने विद्यार्थियों के लिए एक्सेल और एआई पर व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया, जिसमें वास्तविक जीवन के उदाहरणों और उपयोग मामलों के माध्यम से हैंड्स-ऑन लर्निंग प्रदान की गई। इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिष्ठित वक्ताओं में एनआईआईटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयदीप गुप्ता, प्रीति कॉग्निजेंट के निदेशक दिव्यांक वालिया तथा बिजनेस बैंकिंग ग्रुप, आईसीआईसीआई के सिटी हेड कमल सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित किया। वक्ताओं ने एआई के बढ़ते प्रभाव, कौशल उन्नयन की आवश्यकता और उद्योग की अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उद्योग–अकादमिक साझेदारी को सशक्त बनाने और संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई गई। पाठ्यक्रम में एआई और उत्पादकता टूल्स के एकीकरण के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए गए। इंटरैक्टिव सत्रों और प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की रोजगार-तैयारी में वृद्धि करने पर भी जोर दिया गया। एसवीएसयू और थ्री मॉन्क ने ऐसे और कार्यक्रम आयोजित कर उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. समर्थ सिंह, डॉ. सविता शर्मा, डॉ. पिंकी शर्मा एवं उपनिदेशक अमीष अमेया सहित काफी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
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Prof. Dinesh Kumar











