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Skill University

Notice - University Sports Meet - 2026 - Staff members : Published on - 06 March 2026 |  Click here link for registration for University sports meet - 2026 - Staff members : Published on - 06 March 2026 |  Notice - University Sports Meet - 2026 : Published on - 28 Feb 2026 |  Click here link for registration for University sports meet - 2026 : Published on - 28 Feb 2026 |  Corrigendum–I: Revised Schedule of Admission to Class VI, IX & XI in SVSU Senior Secondary School (2026–27) : Published on - 20 Feb 2026 |  Notice - Admission to Class VI, IX & XI in SVSU Senior Secondary School 2026-27 : Published on - 29 Jan 2026 |  Click here for Registration for admission 2026-27 Registration Form Link and QR Code : Published on - 29 Jan 2026 | 
Prof. Dinesh Kumar
Vice Chancellor
Email: vc@svsu.ac.in, vcoffice@svsu.ac.in
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About SVSU

Shri Vishwakarma Skill University (SVSU), established in Palwal, Haryana, is India’s first Government Skill University, dedicated to providing high-quality skill education. Founded by the Government of Haryana, SVSU is a pioneering institution focused on bridging the gap between industry requirements and academia by delivering industry-aligned, hands-on skill programs.

SVSU’s mission is to empower youth with advanced skills, knowledge, and employability through a unique model of skill education that combines theoretical learning with practical exposure. Our industry partnerships and collaborations with leading organizations offer students experiential learning through internships, apprenticeships, and on-the-job training, which equip them with the competencies required in today’s job market.

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Latest from Shri Vishwakarma Skill University

What's Happening in SVSU

06 March 2026

एसवीएसयू में उड़ा अबीर गुलाल, रसिया संग खेली फूलों की होली

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में मंगलवार को होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रसिया नृत्य और ब्रज के लोक गीतों के बीच फूलों और गुलाल की होली खेली गई। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने फूलों की होली खेली और सभी हो रंगोत्सव की बधाई दी। पूरा विश्वविद्यालय होली की फ़िज़ा में रंगा हुआ नज़र आया। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने होली के गीतों से समाँ बाँध दिया। रसिया पर शिक्षक अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी थिरकते नजर आए। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि ब्रज की होली और लोक गीतों की पहचान पूरे विश्व में है। ब्रज की भाषा प्यार की भाषा है। भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का अनुकरण ब्रज में आज भी होता है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने संगीत विभाग के विद्यार्थियों रसिया नृत्य और गीतों के लिए शाबासी दी। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने कहा कि ब्रज की होली के रंग हमें उत्साह और उमंग से सराबोर करते हैं। इस क्षेत्र में होली खेलना अपने आप में एक आनंद का उत्कर्ष है। प्रोफ़ेसर ज्योति राणा में कविताएँ सुना कर सबको प्रफुल्लित किया। संगीत विभाग के शिक्षक डॉ. राजकुमार तेवतिया ने अपने विद्यार्थियों के साथ रंगारंग प्रस्तुतियां दे। कार्यक्रम के अंत में होली की विशेष मिठाई गुजिया भी खिलाई गई। इस अवसर पर डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुरेश कुमार, ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रोफेसर सुनील कुमार गर्ग, डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ और डीन प्रोफेसर डीवी पाठक, संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता, उप कुलसचिव डॉ. ललित शर्मा और प्राचार्य सतेंद्र सौरोत सहित काफ़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक, कर्मी और विद्यार्थी उपस्थित थे। डॉ. भावना रूपराई ने आभार ज्ञापित किया और डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल में मंच संचालन किया।

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27 Feb 2026

एसवीएसयू में मनाया गया प्रबंधन दिवस

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में फरीदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के सहयोग से राष्ट्रीय प्रबंधन दिवस मनाया गया। “स्किल्स, स्ट्रेटेजी एंड स्मार्ट लीडरशिप” विषय पर इस कार्यक्रम में कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की उपस्थिति में विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को इस आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि प्रबंधन करियर ही नहीं जीवन को भी व्यवस्थित बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने छात्रों को वैश्विक रुझानों के अनुरूप उद्योगोन्मुख कौशल विकसित करने का संदेश दिया। इस दौरान बदलते कारोबारी परिवेश में कौशल, रणनीतिक सोच और तकनीक आधारित नेतृत्व की भूमिका पर मंथन किया गया। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर एस के सिन्हा ने स्वागत भाषण में कहा कि भावी प्रबंधकों को तकनीकी दक्षता के साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों को अपनाना होगा। प्रोफेसर सिन्हा ने विद्यार्थियों को प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित किया। एफएमए अध्यक्ष सलोनी कौल ने तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की दक्षता उत्कृष्टता पर ले जाने में सक्षम है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. पिंकी, चेयरपर्सन, स्किल डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज तथा एफएमए की वरिष्ठ उपाध्यक्ष चारू स्मिता मल्होत्रा और मोनिका आनंद ने किया। तकनीकी सत्रों में एआई युग में मानवीय कौशल, एचआर में एआई के उपयोग, श्रम कानूनों की प्रासंगिकता और कार्यस्थल पर सहानुभूति व जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक जानकारियां दीं। योगेश सोनी, सलोनी कौल, रविंद्र सिंह एवं हीना सिंह ने पैनल चर्चा में ज्ञानवर्धक जानकारी दी और प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. पिंकी और मोनिका आनंद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन ने अकादमिक-उद्योग सहयोग को मजबूत करते हुए छात्रों में नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक सीख को नई दिशा दी। साथ ही स्किल फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडी एन्ड रिसर्च में सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन के संस्थापक नितिन टेलर का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि सामाजिक उद्यमिता केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। जीवन नदी की तरह प्रवाहमान है, हमें मुस्कुराते हुए चुनौतियों को स्वीकार करना चाहिए। सच्ची खुशी निस्वार्थ सेवा, सादगी और प्रकृति से जुड़ाव में है। टेडएक्स स्पीकर एवं कर्मवीर चक्र अवॉर्डी नितिन टेलर ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया और जीवन का लक्ष्य पहचानने का आह्वान किया। नितिन टेलर ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए कहा कि एक सफल कॉर्पोरेट करियर के बावजूद आंतरिक शून्यता का अनुभव और फिर माँ नर्मदा के पावन सानिध्य में स्वयं की खोज। उन्होंने बताया कि नर्मदा के निरंतर प्रवाह ने उन्हें जीवन का उद्देश्य समझाया और इसी प्रेरणा से उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया छोड़कर सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन की स्थापना की। 17 किमी नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि चैत्र मास में नर्मदा का दक्षिण से उत्तर की ओर बहना दैवीय ऊर्जा का प्रतीक है। 17 किमी की यह पदयात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मबोध की यात्रा है। यह प्रेरणा यात्रा युवाओं को जमीनी नायकों से जोड़ती है और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है। दूसरे सत्र में फैकल्टी सदस्यों के लिए आध्यात्मिकता, प्रकृति और उद्देश्यपूर्ण जीवन पर विशेष चर्चा हुई। संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर एसके सिन्हा ने कहा कि प्रबंधन छात्रों को केवल लाभ तक सीमित न रहकर सामाजिक उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने नितिन टेलर को स्मृति चिन्ह भेंट किया। विभागाध्यक्ष डॉ. पिंकी शर्मा ने आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. विकास मिश्रा, डॉ. दिलीप रैना, श्वेता मलिक, अनुराधा एवं अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। विद्यार्थी अंजली, पायल, सोनिया, गौरव मित्तल, अक्षिता, ईशिका, अभिषेक, कपिल बिश्नोई और अनिल ने कार्यक्रम के आयोजन में भूमिका निभाई।

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27 Feb 2026

एसवीएसयू में शुरू हुआ पौधारोपण महा अभियान

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में सोमवार को पौधारोपण महा अभियान की शुरुआत की गई। इस महा अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में 11 हज़ार पौधे लगाए जाएंगे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने अपने हाथों से पौधारोपण कर इस महा अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। यह पौधारोपण स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन के तत्वावधान में आईटीसी होटल और टीएसएल के सहयोग से होगा। पौधारोपण के पश्चात कंपनी तीन साल तक पौधों की देखभाल भी करेगी। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने पौधारोपण महा अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि हम विश्वविद्यालय को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हजारों पौधे लहलहाएंगे तो न केवल पर्यावरण इको सिस्टम अच्छा बनेगा, बल्कि जल स्तर को संतुलित रखने में भी मदद मिलेगी। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थी भी पौधों के संरक्षण और संवर्धन में अपनी भूमिका निभाएंगे। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने इस पौधारोपण महा अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य में इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने आईटीसी होटल की मैनेजर (एसआई) आयुषी मग्गू, हर्ष और टीएसएल के प्रबंधक मोहम्मद आक़िफ़ का इस पौधारोपण अभियान के लिए आभार ज्ञापित किया और उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। आयुषी मग्गू ने इस अवसर पर कहा कि हम पौधे लगाएँगे भी और उनको पालेंगे भी। तीन साल में इन पौधों को तैयार करके देंगे। पौधारोपण के लिए भूमि प्रदान करने के लिए मोहम्मद आक़िफ़ ने कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार का आभार ज्ञापित किया। स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने कहा कि यह पौधारोपण महा अभियान ऐतिहासिक सिद्ध होगा। तीन वर्ष पश्चात पूरा कैंपस हराभरा दिखाई देगा। गौरव सिंह ने बताया कि इस महा अभियान पर लगभग 25 लाख रुपए की लागत आएगी। उन्होंने इस पौधारोपण के लिए आईटीसी होटल टीएसएल की टीम का आभार ज्ञापित किया। डीन प्रोफ़ेसर डीवी पाठक ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अभियान में एनएसएस के वॉलंटियर्स, एग्रीकल्चर फैकल्टी और एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थी शामिल हुआ और उन्होंने वॉक फॉर नेचर में हिस्सा लिया। साथ एसवीएसयू कृषि फ़ार्म पर स्किल फैकल्टी ऑफ़ एग्रीकल्चर द्वारा भी पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सतेंद्र सौरोत, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. ललित शर्मा, डॉ. नकुल, डॉ. हरीश, डॉ. तेजेन्द्र सिंह, डॉ. ख़ुशबू, डॉ. स्मिता और डॉ. गुरप्रीत सहित काफ़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

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27 Feb 2026

विदेशी भाषाओं में रोजगार की संभावना अपार

प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक विदेशी भाषा अनिवार्य करने वाले श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने स्कूली विद्यार्थियों में विदेशी भाषाओं के प्रति दिलचस्पी पैदा करने की अनोखी पहल की है। इस कड़ी में अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी संकाय के स्किल डिपार्टमेंट ऑफ़ लैंग्वेज द्वारा विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में जर्मन और जापानी भाषा के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने उद्घाटन सत्र में कहा कि भाषा किसी भी संस्कृति का रोडमैप होती है। वर्तमान में भाषा करियर के लिहाज से सशक्त माध्यम है। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने कहा कि विद्यार्थी श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर विदेशी भाषाओं में अपना करियर बना सकते हैं। ऑन डी जॉब ट्रेनिंग के लिए एसवीएसयू के साथ बहुत बड़े इंडस्ट्री पार्टनर जुड़े हुए हैं। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं के प्रति प्रेरित किया और अपनी उपस्थिति से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाया। प्रोफेसर विक्रम सिंह ने इंडस्ट्री से आए विशेषज्ञों का स्वागत किया और उनकी भूमिका की सराहना की। कॉन्सेंट्रिक्स की डिप्टी मैनेजर निमिषा चोपड़ा ने विद्यार्थियों के समक्ष यूरोप की अर्थव्यवस्था के बारे में तथ्य प्रस्तुत करते हुए अर्थव्यवस्था में जर्मन भाषा के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने टूरिज्म, पत्रकारिता, मेडिकल के क्षेत्र में इस भाषा से संबंधित रोजगार की असीम संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। अमेज़न कंपनी से आए लक्ष्मण कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने किस प्रकार पलवल में रहते हुए विदेशी भाषाओं को सीख कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए। इसके बाद आईआईएलएम विश्वविद्यालय गुरुग्राम से आए लोकेश साहू ने फ्रेंच भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भाषा विश्व के 29 देशों की आधिकारिक भाषा के रूप में प्रयोग की जाती है। उन्होंने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में नए सत्र से प्रारंभ होने वाले फ्रेंच भाषा की ग्रेजुएशन डिग्री के फायदों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र सचिन कुमार ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने किस प्रकार यहां से जर्मन भाषा सीखकर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त किए हैं। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के जापानी भाषा की प्रोफ़ेसर मीवा शशाकी ने विश्व में जापानी भाषा से संबंधित रोजगार के विस्तृत क्षेत्र पर बात की। विद्यार्थियों ने जापानी एवं जर्मन भाषा में गीत भी प्रस्तुत किए। डॉ. नकुल ने विभिन्न स्कूलों से आए हुए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के बारे में एवं दाखिल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने जापानी और जर्मन भाषा एवं संस्कृति पर आधारित प्रोजेक्ट भी प्रदर्शित किए। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ को इस आयोजन के लिए बधाई दी। डॉ. भावना रूपराई ने कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. कल्पना महेश्वरी, मीनाक्षी कौल, राहुल मालिक, प्रियम श्योराण, डॉ. नेहा और मनमीत कौर भी मौजूद रहे।

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