27 Feb 2026
एसवीएसयू में मनाया गया प्रबंधन दिवस
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में फरीदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के सहयोग से राष्ट्रीय प्रबंधन दिवस मनाया गया। “स्किल्स, स्ट्रेटेजी एंड स्मार्ट लीडरशिप” विषय पर इस कार्यक्रम में कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की उपस्थिति में विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को इस आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि प्रबंधन करियर ही नहीं जीवन को भी व्यवस्थित बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने छात्रों को वैश्विक रुझानों के अनुरूप उद्योगोन्मुख कौशल विकसित करने का संदेश दिया। इस दौरान बदलते कारोबारी परिवेश में कौशल, रणनीतिक सोच और तकनीक आधारित नेतृत्व की भूमिका पर मंथन किया गया। प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर एस के सिन्हा ने स्वागत भाषण में कहा कि भावी प्रबंधकों को तकनीकी दक्षता के साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों को अपनाना होगा। प्रोफेसर सिन्हा ने विद्यार्थियों को प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित किया। एफएमए अध्यक्ष सलोनी कौल ने तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की दक्षता उत्कृष्टता पर ले जाने में सक्षम है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. पिंकी, चेयरपर्सन, स्किल डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज तथा एफएमए की वरिष्ठ उपाध्यक्ष चारू स्मिता मल्होत्रा और मोनिका आनंद ने किया। तकनीकी सत्रों में एआई युग में मानवीय कौशल, एचआर में एआई के उपयोग, श्रम कानूनों की प्रासंगिकता और कार्यस्थल पर सहानुभूति व जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक जानकारियां दीं। योगेश सोनी, सलोनी कौल, रविंद्र सिंह एवं हीना सिंह ने पैनल चर्चा में ज्ञानवर्धक जानकारी दी और प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. पिंकी और मोनिका आनंद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन ने अकादमिक-उद्योग सहयोग को मजबूत करते हुए छात्रों में नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक सीख को नई दिशा दी। साथ ही स्किल फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडी एन्ड रिसर्च में सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन के संस्थापक नितिन टेलर का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि सामाजिक उद्यमिता केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। जीवन नदी की तरह प्रवाहमान है, हमें मुस्कुराते हुए चुनौतियों को स्वीकार करना चाहिए। सच्ची खुशी निस्वार्थ सेवा, सादगी और प्रकृति से जुड़ाव में है। टेडएक्स स्पीकर एवं कर्मवीर चक्र अवॉर्डी नितिन टेलर ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया और जीवन का लक्ष्य पहचानने का आह्वान किया। नितिन टेलर ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए कहा कि एक सफल कॉर्पोरेट करियर के बावजूद आंतरिक शून्यता का अनुभव और फिर माँ नर्मदा के पावन सानिध्य में स्वयं की खोज। उन्होंने बताया कि नर्मदा के निरंतर प्रवाह ने उन्हें जीवन का उद्देश्य समझाया और इसी प्रेरणा से उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया छोड़कर सर्व हैप्पीनेस फाउंडेशन की स्थापना की। 17 किमी नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि चैत्र मास में नर्मदा का दक्षिण से उत्तर की ओर बहना दैवीय ऊर्जा का प्रतीक है। 17 किमी की यह पदयात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मबोध की यात्रा है। यह प्रेरणा यात्रा युवाओं को जमीनी नायकों से जोड़ती है और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है। दूसरे सत्र में फैकल्टी सदस्यों के लिए आध्यात्मिकता, प्रकृति और उद्देश्यपूर्ण जीवन पर विशेष चर्चा हुई। संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर एसके सिन्हा ने कहा कि प्रबंधन छात्रों को केवल लाभ तक सीमित न रहकर सामाजिक उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने नितिन टेलर को स्मृति चिन्ह भेंट किया। विभागाध्यक्ष डॉ. पिंकी शर्मा ने आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. विकास मिश्रा, डॉ. दिलीप रैना, श्वेता मलिक, अनुराधा एवं अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। विद्यार्थी अंजली, पायल, सोनिया, गौरव मित्तल, अक्षिता, ईशिका, अभिषेक, कपिल बिश्नोई और अनिल ने कार्यक्रम के आयोजन में भूमिका निभाई।
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Prof. Dinesh Kumar











